चारधाम यात्रा: केदारनाथ पहुंची बाबा केदार की डोली,पौराणिक रीति रिवाजों के साथ हुई पूजा

बाबा केदार की डोली सोमवार को देर सायं केदारनाथ पहुंच गई। इस मौके पर शाम भगवान की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान पौराणिक रीति रिवाज के साथ पूजा की गई। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व डोली यात्रा केदारनाथ पहुंच गई है। कोरोना महामारी के चलते यह पहला मौका है जब डोली एक दिन पहले ही केदारनाथ पहुंच गई। इससे पूर्व डोली एक ही दिन में गौरीकुंड से सीधे केदारनाथ पहुंचती थी।

सोमवार को गौरीकुंड में सुबह पूजा अर्चना के बाद बाबा केदार की पंचमुखी डोली ने भीमबली के लिए प्रस्थान किया। हल्की बारिश और बर्फबारी के बीच डोली देर सायं केदारनाथ पहुंची। डोली को भीमबली रुकना था लेकिन मौसम खराब होने के चलते डोली सीधे केदार धाम पहुंच गई। डोली की रात्रि पूजा अर्चना की गई। अब बुधवार 29 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर बाबा केदार के कपाट खोल दिए जाएंगे। इस मौके पर प्रशासन के अधिकारी और डोली यात्रा में पास प्राप्त लोग ही मौके पर मौजूद थे।

केदारनाथ सहित ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी
रुद्रप्रयाग। सोमवार को केदारनाथ के साथ ही अनेक ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई है। जबकि मुख्यालय सहित जिले के समस्त स्थानों पर बारिश हुई। मौसम के बदलाव से लोगों को हल्की ठंड का अहसाह हुआ। इधर बारिश ने जिले में किसानों की फसल खराब हो रही है।

बीते कई दिनों से जिले में बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि के किसानों की गेहूं, मटर सहित कई नगदी फसल एवं सब्जी को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को केदारनाथ धाम सहित आसपास और ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी हुई। जिले में सुबह से ही आसमान में बादल छाने से मौसम गुमशुम था। दोपहर बाद मौसम खराब होने से तेज हवाएं शुरू हो गई। केदारनाथ धाम समेत ऊंची चोटियों पर बर्फवारी शुरू हो गई।

वर्तमान में धाम में करीब पांच फीट बर्फ है। मंदिर में परिसर में भी मंदिर में प्रवेश के लिए बर्फ काटकर रास्ता बनाया गया है। दोपहर बाद मुख्यालय के साथ ही तिलवाडा, अगस्त्यमुनि, चन्द्रापुरी, ऊखीमठ, फाटा, गुप्तकाशी, गौरीकुंड, मयाली, जखोली, चोपड़ा व चोपता समेत कई स्थानों पर जोरदार बारिश हुई। इधर बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के लिए लोगों ने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की।

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