जानें यूपी BJP के किस विधायक के नाम का लगा है विकास दुबे के फाइनेंसर की कार पर विधानसभा का पास

कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपित विकास दुबे को कारतूस सप्लाई करने वाला जय बाजपेई लग्जरी कार में विधानसभा का फर्जी पास चस्पा करके चलता था। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। फर्जीवाड़ा सामने आने पर अब जय के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। वहीं, विजय नगर में मिलीं तीनों कारों के बारे में काकादेव पुलिस और तथ्य जुटा रही है।

यह पास अलीगंज एटा के भाजपा विधायक सत्यपाल सिंह राठौर के नाम पर जारी हुआ है।
विकास के खजांची जय ने रसूख जमाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। काकादेव पुलिस ने पांच जुलाई को विजय नगर से लावारिस हालत में तीन लग्जरी कारें बरामद की थीं। जांच में पता चला कि इनका इस्तेमाल जयकांत कर रहा था।

पुलिस का दावा है कि इन कारों का इस्तमाल विकास को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए किया जाना था लेकिन सख्ती के चलते कारें बाहर नहीं जा पाईं। चेकिंग के चलते गाड़ियां लावारिस हालत में छोड़ी गईं। फॉर्च्यूनर के विंड स्क्रीन पर लगे पास में विधायक और विधानसभा सचिवालय का पास चस्पा था। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पास फर्जी है। इस नंबर का पास किसी और विधायक को जारी किया गया था। उसके पास की कॉपी करने के बाद गाड़ी नंबर बदलकर पास का अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा था।

कितनी बार सचिवालय में घुसा, होगी जांच
अब इसकी भी जांच होगी कि इस पास के जरिए जय कितनी बार सचिवालय और विधानसभा गया था। इसका भी रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। वह किन-किन लोगों से मिला यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फर्जी पास सामने आने के बाद से भी जय के करीबी नेता और मंत्रियों की धड़कन बढ़ गई है।

गाड़ी मालिक भी बनेगा आरोपित
फॉर्च्यूनर सचेंडी निवासी राहुल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है लेकिन उससे जय चलता था। जांच पूरी होने के बाद जय के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा लिखा गया तो गाड़ी मालिक भी जांच के दायरे में आएगा।

क्योंकि उसके नाम से रजिस्टर्ड गाड़ी पर फर्जी विधानसभा का पास चस्पा था।
अलीगंज विधायक और विकास के साथी की गाड़ी का पास एक
विकास दुबे के फाइनेंसर जय वाजपेयी की गाड़ी पर लगा सचिवालय का पास अलीगंज, एटा के विधायक सत्यपाल सिंह राठौर के नाम से जारी किया गया है। विधायक और जय की गाड़ी पर लगे पास के नंबर एक ही है। जानकारी मिलते ही विधायक लखनऊ के लिए रवाना हो गए। बुधवार की दोपहर को विधायक को इसकी जानकारी मिली। इसके लिए सचिवालय से उनके पास फोन भी आया। विधायक को गाड़ी पर मिलने वाला पास सचिवालय से जारी होता है।

विधायक सत्यपाल सिंह राठौर का कहना है कि ये पास सचिवालय से बनकर मिलता है। इस नंबर के पास के लिए फर्जीवाड़ा किया गया है।

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