JEE-NEET परीक्षा : केंद्र के खिलाफ कांग्रेस करेगी देशव्यापी प्रदर्शन

देश इस वक़्त कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से जूझ रहा है। आए दिन संक्रमण के मामलों में रिकॉर्ड संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है। इस बीच केंद्र सरकार द्वारा नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) और जेईई (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) परीक्षा 2020 की तिथि घोषित कर दी गयी है। जिसका व्यापक स्तर पर विरोध हो रहा है । राजनेताओं के साथ-साथ छात्र भी कोरोना वायरस के बीच परीक्षाओं के आयोजन को गलत मान रहे हैं। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी महामारी के बीच परीक्षा आयोजित करने का विरोध किया है । इसे लेकर वह 28 अगस्त को केंद्र के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन भी करेगी।

कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान जारी कर कहा , ‘केंद्र सरकार के इस नासमझी और तानाशाहीपूर्ण कदम के विरोध में कांग्रेस शुक्रवार सुबह 11 बजे राज्य और जिलों में केंद्र सरकार के कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी। हम सरकार के महामारी के बीच परीक्षा कराए जाने के फैसले का विरोध करेंगे। कोविड संकट के दौरान परीक्षा आयोजित करने से छात्रों को अत्यधिक मानसिक तनाव की स्थिति में डाला जा रहा है। असम और बिहार जैसे राज्यों में बाढ़ की स्थिति के बीच वहां के छात्रों को काफी परेशानी होगी।’

वहीँ ममता बनर्जी ने कांग्रेस की ओर से बुलाई गई सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में नीट और जेईई परीक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा , नीट-जेईई का परीक्षा होना अभी सुरक्षित नहीं है। अगर केंद्र सरकार इस पर नहीं सुनती है तो जेईई और नीट की परीक्षा को स्थगित करने के लिए हम (राज्य सरकारें) संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं। बनर्जी ने कहा कि हमें छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए। अगर केंद्र कुछ नहीं कर रहा है तो हम लोग भी जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं, हमें कोर्ट जाना चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने कहा- छात्र काफी चिंता में थे वहीं शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने परीक्षा कराए जाने के केंद्र के फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि छात्र और उनके माता-पिता खुद ये चाहतें हैं कि परीक्षा हो।

वहीं एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जेईई मेन 2020 परीक्षा अपने तय समय पर 1-6 सितंबर, 2020 के बीच आयोजित होगी। इसके साथ ही नीट-यूजी 2020 परीक्षा का आयोजन भी शेड्यूल के अनुसार, 13 सितंबर को होगा। अपने नोटिस में एनटीए ने कहा है कि बेशक ये महामारी का समय है लेकिन जीवन को रोका नहीं जा सकता है।

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